लखनऊ : मंगलवार को लोक भवन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कुल 14 प्रस्ताव पेश किए गए, जिनमें से 13 को मंज़ूरी दी गई। बैठक में राज्य के चौतरफा विकास और कल्याण से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। बैठक के बाद वित्त और संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने मीडिया को बताया कि राज्य के विकास, रोज़गार सृजन, पारिवारिक संपत्ति प्रबंधन और शिक्षा क्षेत्र में पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। स्टाम्प और पंजीकरण मंत्री रविंद्र जायसवाल ने बताया कि बैठक में स्टाम्प और पंजीकरण विभाग से संबंधित एक प्रस्ताव पारित किया गया।
इससे अब किसी भी तरह की प्रॉपर्टी, जैसे आवासीय, कृषि, वाणिज्यिक या औद्योगिक, को खून के रिश्तों वाले रिश्तेदारों (परिवार के सदस्यों) के बीच सिर्फ़ 5,000 रुपये की स्टाम्प ड्यूटी पर गिफ्ट डीड के ज़रिए ट्रांसफर किया जा सकेगा। पहले, ऐसे प्रॉपर्टी ट्रांसफर पर बाज़ार मूल्य के आधार पर भारी स्टाम्प ड्यूटी लगती थी, जिससे पारिवारिक विवाद होते थे और लोग प्रॉपर्टी रजिस्टर कराने से कतराते थे। इस फैसले से पारिवारिक संपत्ति के बंटवारे और ट्रांसफर में आसानी होगी, मुकदमों में कमी आएगी और लोग आसानी से लोन वगैरह ले पाएंगे। स्टाम्प और पंजीकरण मंत्री ने इस प्रस्ताव को “परिवारों के लिए बड़ी राहत” बताया।
बैठक में कुशीनगर और झांसी ज़िलों में नए स्टाम्प कार्यालयों के निर्माण को भी हरी झंडी दी गई। इससे इन इलाकों में प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन और संबंधित सेवाओं तक लोगों की पहुंच बढ़ेगी और उन्हें लंबी दूरी तय करने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी। रोज़गार सृजन के मोर्चे पर, कैबिनेट ने ग्लोबल कैपेसिटी सेंटर (GCC) नीति के लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) को मंज़ूरी दी। उम्मीद है कि वित्तीय वर्ष के दौरान 21 औद्योगिक कंपनियाँ निर्माण या परिचालन शुरू करेंगी, जिससे युवाओं के लिए 10,000 से ज़्यादा प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोज़गार पैदा होंगे। औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल नंदी ने कहा कि यह नीति उत्तर प्रदेश को वैश्विक सेवा केंद्र बनाने में महत्वपूर्ण है। बहुराष्ट्रीय कंपनियाँ IT, एनालिटिक्स, HR और फाइनेंस जैसे क्षेत्रों में अपने ऑफशोर सेंटर स्थापित कर रही हैं, जिससे राज्य में उच्च गुणवत्ता वाली नौकरियाँ बढ़ेंगी।

